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गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के नाम पर खुली लूट: उपभोक्ताओं से वसूले जा रहे 20 से 50 रुपये

प्रतीकात्मक फोटो

चोरौत | रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। शहर भर में गैस एजेंसियों और उनके डिलीवरी बॉयज द्वारा होम डिलीवरी के नाम पर उपभोक्ताओं से खुलेआम 20 से 50 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। बिल में होम डिलीवरी का चार्ज पहले से शामिल होने के बावजूद, आम जनता इस 'खुली लूट' का शिकार होने को मजबूर है।

क्या है पूरा मामला?

​नियमानुसार, गैस सिलेंडर की जो रसीद (Invoice) बनती है, उसमें घर तक सिलेंडर पहुंचाने का शुल्क (Delivery Charge) पहले से ही जुड़ा होता है। लेकिन, जब डिलीवरी बॉय ग्राहकों के घर सिलेंडर लेकर पहुंचते हैं, तो वे अक्सर तय कीमत से 20 से 50 रुपये अधिक मांगते हैं।

उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायतें:

​बहानेबाजी और दबाव: डिलीवरी बॉय अक्सर छुट्टे पैसे न होने का बहाना बनाते हैं या 'टिप' एवं 'मेहनताना' के नाम पर जबरन पैसे ऐंठते हैं।

​बदसलूकी और धमकी: पैसे देने से मना करने पर ग्राहकों के साथ बहस की जाती है और अगली बार सिलेंडर की डिलीवरी में देरी करने या गोदाम से आकर खुद सिलेंडर ले जाने की धमकी दी जाती है।

​एजेंसियों की अनदेखी: ग्राहकों का आरोप है कि गैस एजेंसी संचालकों से इस बात की शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है, जिससे अंदेशा होता है कि इस वसूली में एजेंसी की भी मिलीभगत हो सकती है।

आम जनता में भारी रोष

​महंगाई के इस दौर में उपभोक्ताओं का कहना है कि हर महीने इस तरह की अतिरिक्त वसूली उनकी जेब पर सीधा डाका है। एक स्थानीय उपभोक्ता ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए बताया, "रसीद पर जो कीमत लिखी होती है, हम सिर्फ वही देना चाहते हैं, लेकिन डिलीवरी वाले बिना अतिरिक्त पैसे लिए सिलेंडर नहीं देते। एजेंसी में फोन करो तो कोई ठीक से जवाब नहीं देता।"

क्या कहते हैं नियम?

​तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के इस संदर्भ में सख्त निर्देश हैं:

​उपभोक्ता को रसीद पर दर्ज राशि से एक रुपया भी ज्यादा देने की आवश्यकता नहीं है।

​अगर कोई डिलीवरी मैन अतिरिक्त पैसे की मांग करता है, तो यह पूरी तरह से गैरकानूनी है और ऐसा करने पर एजेंसी का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

​आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। शहर में गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया जाए और दोषी पाए जाने वाले डिलीवरी बॉयज और एजेंसियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

उपभोक्ता यहां कर सकते हैं शिकायत:

यदि आपसे भी अतिरिक्त पैसों की मांग की जाती है, तो आप गैस कंपनियों के राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 1906 पर कॉल करके या अपनी गैस कंपनी (Indane, HP, Bharat Gas) की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

नोट: यह खबर आम जनता को जागरूक करने और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए प्रकाशित की गई है।

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